Rajasthan Advocates Protection Bill, 2023

 Rajasthan Advocates Protection Bill, 2023 


राजस्थान बना वकीलों को सुरक्षा देने वाला पहला राज्य, जानिए क्या है ? Rajasthan Advocates Protection Bill, 2023

राजस्थान में वकीलों की सुरक्षा हेतु कानून पारित करने वाला भारत का पहला राज्य बन गया है। 16 मार्च, 2023 को राजस्थान एडवोकेट्स प्रोटेक्शन बिल, 2023 राजस्थान सरकार द्वारा राज्य विधानसभा में पेश किया गया था। इस बिल को लाने का उद्देश्य अधिवक्ताओं के खिलाफ होने वाले अपराधों जैसे मारपीट, गंभीर शारीरिक नुकसान, आपराधिक बल और आपराधिक धमकी को रोकने के उपायों की उनकी संपत्ति के नुकसान या क्षति के रूप में रूपरेखा तैयार करना है।

राजस्थान एडवोकेट्स प्रोटेक्शन बिल, 2023 के लिए प्रस्तावित प्रक्रिया 18 फरवरी को राज्य विधान सभा में शुरू की गई, जब जोधपुर में प्रैक्टिस करने वाले वकील जुगराज चौहान उम्र 48 वर्ष को दो लोगों के द्वारा दिन के उजाले में चाकू से मार दिया गया था। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह  सम्पूर्ण घटना पड़ोस में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई थी।

घटना के एक दिन बाद, कई राज्य अदालतों के समर्थकों ने वॉकआउट और न्यायिक कार्यों के बहिष्कार की मांग करने लगे । इसके साथ ही कार्यकर्ताओं और उनके परिवारों की सुरक्षा के लिए एक क़ानून का भी अनुरोध किया गया। जिसके बाद राजस्थान उच्च न्यायालय द्वारा इस विरोध का तत्काल संज्ञान लिया।


राजस्थान अधिवक्ता संरक्षण विधेयक क्या है? 

राजस्थान अधिवक्ता संरक्षण विधेयक यानि कि राजस्थान एडवोकेट्स प्रोटेक्शन बिल का उद्देश्य राज्य में अधिवक्ताओं के खिलाफ बढ़ती "हिंसा" और "झूठे प्रभाव" को रोकना है, जो राजस्थान के अन्दर हो रहे ऐसे अपराधों को संज्ञेय बनाने वाले कानून पारित करके "शांति और व्यवस्था को बिगाड़ता है" और "अदालत प्रणाली को विलंबित करता है", राजस्थान अधिवक्ता संरक्षण विधेयक की धारा 3 में कहा गया है, "एक वकील के खिलाफ हमला, गंभीर चोट, आपराधिक बल और आपराधिक धमकी का कोई भी कार्य अपराध  की श्रेणी में आयेगा।"

राजस्थान एडवोकेट्स प्रोटेक्शन बिल, 2023

साथ ही ये अधिनियम कुछ अपराधों को "संज्ञेय" के रूप में परिभाषित करता है, जिसका अर्थ है कि बिना वारंट के भी गिरफ्तारी की अनुमति होगी। ऐसा कानून "अदालत परिसर में अधिवक्ता के कर्तव्यों के निर्वहन" से संबंधित होना चाहिए।

धारा 3  के अनुसार एक वकील के खिलाफ किये गए अपराध की पुलिस शिकायत के आधार पर, यह बिल अधिवक्ताओ के लिए पुलिस सुरक्षा प्रदान करने का प्रयास करता है। लेकिन,यह सुरक्षा केवल "नियमों में निर्धारित तरीके से" प्रदान की जा सकेगी, यदि पुलिस यह आवश्यक मानती है।

राजस्थान में वकीलों के खिलाफ अपराध के लिए क्या दंड होंगे? 

राजस्थान एडवोकेट्स प्रोटेक्शन बिल के अनुसार वकीलों के खिलाफ किये जाने वाले अपराधों के लिए धारा 5 में कई दंड शामिल किये गए है। धारा 5(1) के अनुसार, एक वकील के ऊपर हमला या गैरकानूनी बल का प्रयोग करने पर दो साल तक की जेल और 25,000 रुपये का जुर्माना किया जा सकेगा।

इसके  साथ ही धारा 5(2) के अनुसार अधिकतम सात साल की जेल की सजा और 50,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है,जो व्यक्ति जानबूझकर एक वकील को गंभीर नुकसान पहुंचाता है। धारा 5 (3) में  एक वकील के खिलाफ आपराधिक धमकी के स्वैच्छिक कमीशन के लिए अधिकतम दो साल की जेल और 10,000 रुपये तक का जुर्माना है। अगर धमकी का परिणाम मौत, गंभीर चोट, आग से किसी संपत्ति को नष्ट करने का इरादा है, तो यह सजा सात साल तक बढाई जा सकती है और 20,000 रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।


Advocate protection Act,2023 क्या है

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